दिवाली कब है (2026)

दिवाली 2026

रविवार, 8 नवंबर 2026 · Diwali 2026
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दिवाली 2026: तिथि, लक्ष्मी पूजा मुहूर्त और त्योहार के 5 दिन

दिवाली (दीपावली) केवल दीपों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और अज्ञान पर ज्ञान की जीत का प्रतीक है। हिंदू धर्म में इस त्योहार का गहरा आध्यात्मिक महत्व है। यह वह समय है जब हम पुरानी नकारात्मकता को त्यागकर सुख, शांति और समृद्धि के साथ नए जीवन की शुरुआत करते हैं।

दिवाली का महत्व और मान्यताएं

  • आध्यात्मिक अर्थ:
    मिट्टी के दीये जलाना हमारी आंतरिक बुद्धिमत्ता को जगाने और अज्ञानता को दूर करने का प्रतीक है।
  • पौराणिक कथा:
    इस दिन भगवान श्री राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, जिनके स्वागत में पूरी अयोध्या नगरी को दीपों से सजाया गया था।
  • लक्ष्मी आगमन:
    दिवाली की अमावस्या को देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं, इसलिए भक्त अपने घरों को स्वच्छ और प्रकाशित रखकर उनका स्वागत करते हैं।

दिवाली 2026 कैलेंडर: उत्सव के 5 विशेष दिन

दिवाली का उत्सव पांच दिनों तक चलता है। यहाँ वर्ष 2026 के लिए तिथियाँ और उनका संक्षिप्त महत्व दिया गया है:

दिन और त्योहारतिथिमहत्व (Significance)
दिन 1: धनतेरस7 नवंबर 2026 (शनिवार)सौभाग्य का दिन। इस दिन सोने-चांदी के बर्तन या धातु खरीदना शुभ माना जाता है।
दिन 2: छोटी दिवाली8 नवंबर 2026 (रविवार सुबह)इसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। यह बुराई और आलस्य के विनाश का प्रतीक है।
दिन 3: मुख्य दिवाली8 नवंबर 2026 (रविवार रात)सबसे बड़ा दिन। इस रात 'लक्ष्मी पूजन' कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
दिन 4: गोवर्धन पूजा9 नवंबर 2026 (सोमवार)प्रकृति और भगवान कृष्ण के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन।
दिन 5: भाई दूज10 नवंबर 2026 (मंगलवार)भाई-बहन के प्रेम को समर्पित दिन। बहनें भाइयों की लंबी उम्र की कामना करती हैं।

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 2026

दिवाली की रात प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन करना सबसे शुभ माना जाता है।

  • मुख्य पूजा तिथि: 8 नवंबर 2026, रविवार
  • विशेष सलाह: सूर्यास्त के बाद स्थिर लग्न (वृषभ काल) में पूजा करना घर में स्थायी लक्ष्मी के वास के लिए श्रेष्ठ होता है।

दिवाली की तैयारी कैसे करें?

  1. स्वच्छता: घर के कोने-कोने की सफाई करें क्योंकि माँ लक्ष्मी स्वच्छ स्थान पर वास करती हैं।
  2. सजावट: प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाएं और ताजे फूलों से घर सजाएं।
  3. रोशनी: घर की मुंडेरों पर तेल के मिट्टी के दीये जलाएं।
  4. दान: इस दिन गरीबों को अन्न या वस्त्र दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।

"शुभ दीपावली! कामना है कि यह प्रकाश आपके जीवन में नई उमंग और खुशियां लेकर आए।"